उत्तराखंड में एक से नौ नवंबर तक लोगों को नहीं मिल पाएंगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं परामर्श सेवाएं,नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कर सकते हैं संपर्क
देहरादून: उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श मुहैया कराने वाली 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं एक से 9 नवंबर तक अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मानें तो नई कार्यदायी संस्था को हेल्पलाइन संचालन की जिम्मेदारी सौंपने और नया सॉफ्टवेयर स्थापित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. जबकि, हेल्पलाइन की सेवाएं 10 नवंबर से दोबारा शुरू की जाएगी. इस दौरान लोगों को 104 नंबर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी परामर्श और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएगी.
104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन करेगी नई संस्था: बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन का संचालन अब नई कार्यदायी संस्था वी विन लिमिटेड करने जा रही है. इस नई व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर स्थापित करने उसका तकनीकी परीक्षण करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का काम किया जाएगा. ताकि, हेल्पलाइन का संचालन सुचारु रूप से हो सके.
104 हेल्पलाइन नंबर रहेगा बंद, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कर सकते हैं संपर्क: हेल्पलाइन बंद होने की वजह से आम लोग 104 नंबर के माध्यम से हेल्थ से जुड़ी जानकारी और परामर्श नहीं ले पाएंगे. ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने लोगों से अस्थायी रुकावट को ध्यान में रखते हुए जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर संबंधित स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किए जाने की अपील की है.
“104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं नई कार्यदायी संस्था की ओर से संचालन शुरू करने और नए सॉफ्टवेयर स्थापित करने की तैयारी की वजह से 1 से 9 नवंबर तक अस्थाई रूप से बंद रहेगी. इसलिए नागरिकों से इस अवधि में जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है.“- डॉ. अमित शुक्ला, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
10 नवंबर से शुरू होगा हेल्पलाइन नंबर: वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हेल्पलाइन सेवाओं के टेंपरेरी रूप से बंद रहने के कारण लोगों को होने वाली दिक्कतों पर खेद व्यक्त किया है. सेवाओं को लेकर 10 नवंबर से दोबारा सुचारू रूप से शुरू किए जाने की जरूरी व्यवस्थाएं भी की जा रही है. इसके साथ-साथ नए सॉफ्टवेयर और नई संस्था के माध्यम से हेल्पलाइन संचालन को व्यवस्थित बनाने की तैयारी भी की जा रही है.
